बिजनौर के धामपुर स्थित टीचर्स कॉलोनी में पीर बाबा मजार के रास्ते को लेकर वर्षों पुराना विवाद एक बार फिर चर्चा में है। शुक्रवार रात प्रशासन ने राजस्व विभाग की पैमाइश और जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए रास्ते में लगी दीवार और पिलरों को हटाकर मार्ग को खुलवाया। प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई कॉलोनीवासियों की शिकायतों और सरकारी अभिलेखों के आधार पर की गई।उपजिलाधिकारी धामपुर के अनुसार कुछ माह पूर्व स्थानीय लोगों ने शिकायत की थी कि सार्वजनिक रास्ते को संकरा किया जा रहा है। जांच और पैमाइश में अतिरिक्त भूमि तथा रास्ते पर लगाए गए पिलरों की जानकारी सामने आई, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई।

प्रशासन का कहना है कि मजार से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच जारी है और अंतिम निर्णय कानून के अनुसार लिया जाएगा। कार्रवाई के बाद कुछ राजनीतिक नेताओं और मुस्लिम समाज के लोगों ने विरोध दर्ज कराया। इस बीच सांसद प्रतिनिधि विवेक सेन मौके पर पहुंचे और प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए। कार्रवाई के दौरान मौके पर पहुंचे सांसद प्रतिनिधि विवेक सेन और सीओ के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। दोनों के बीच प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर काफी देर तक बहस हुई। इस दौरान सीओ ने प्रशासनिक कार्य में हस्तक्षेप न करने की बात कहते हुए विवेक सेन को कड़ी चेतावनी दी।

मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार बहस के दौरान माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया, जिसके बाद पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित किया। वहीं समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक नईम उल हसन ने भी उपजिलाधिकारी को ज्ञापन देकर कार्रवाई को एकतरफा बताया और दीवार के पुनर्निर्माण की मांग की। दूसरी ओर, डॉ. एन.पी. सिंह का कहना है कि प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई सरकारी रिकॉर्ड और पैमाइश के आधार पर हुई है, इसलिए इसे राजनीतिक रंग देने के बजाय तथ्य और कानून के आधार पर देखा जाना चाहिए। फिलहाल प्रशासन ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें जांच और राजस्व अभिलेखों की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवादित भूमि और रास्ते की वास्तविक स्थिति क्या है।
धामपुर से शरद राजवंशी की रिपोर्ट