बिजनौर जिले के नांगल थाना क्षेत्र के गौसपुर गांव में एक बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत अब महज हादसा नहीं मानी जा रही है। मृतक विजय पुत्र बुद्ध सिंह की मौत घर के बरामदे में ट्रैक्टर की चपेट में आने से हुई, लेकिन घटनास्थल के हालात कई रहस्यों की ओर इशारा कर रहे हैं।

परिजनों के मुताबिक विजय रोज की तरह बरामदे में खाट पर सोए थे। सुबह उनका शव बरामदे के दूसरे हिस्से में मिला, जबकि ट्रैक्टर पास में खड़ा था। शुरुआती तौर पर इसे दुर्घटना बताया गया, लेकिन खाट की बदली हुई स्थिति और ट्रैक्टर की दिशा ने मामले को संदिग्ध बना दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि बिना चाबी ट्रैक्टर का अपने आप स्टार्ट होना संभव नहीं लगता। वहीं ट्रैक्टर का मुड़कर दीवार से टकराना भी कई सवाल खड़े कर रहा है। घटनास्थल पर टायरों के गहरे निशान मिले हैं, जिससे तेज रफ्तार में वाहन चलाए जाने की आशंका जताई जा रही है। एक और अहम पहलू यह है कि ट्रैक्टर बंद हालत में मिला, जबकि उसमें पर्याप्त डीजल मौजूद था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि ट्रैक्टर खुद चला था तो वह बंद कैसे हुआ।

घटना के बाद पोस्टमार्टम को लेकर परिजनों के विरोध ने भी मामले को और उलझा दिया। हालांकि पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार मृतक को शराब की लत थी और उनका कई लोगों से विवाद भी रहता था। वहीं, करीब 20 दिन पहले उनके भाई की भी बुग्गी के नीचे आने से मौत हो चुकी है, जिससे पूरे परिवार पर सवाल और गहराते जा रहे हैं।
फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी है। ग्रामीणों और परिजनों के बयानों के साथ तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। गांव में एक ही सवाल गूंज रहा है-यह एक हादसा था या फिर किसी साजिश का हिस्सा? जांच पूरी होने के बाद ही इस रहस्यमयी मौत से पर्दा उठ पाएगा।
बिजनौर से नीरज कुमार की रिपोर्ट।