चांदपुर में जमानत के कागजों को तस्दीक करने के लिए लेखपाल पर 4000 रूपए मांगने का आरोप लगा है। पीड़ित महिला का आरोप है कि लेखपाल उसे 21 दिन से परेशान कर रहा है, जमानत हो जाने के बाद भी लेखपाल की लापरवाही से पीड़िता का पति जेल में बंद है।
दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए पूरे प्रयास कर रहे हैं, परंतु भ्रष्ट अधिकारी अपनी आदतों से मजबूर हैं, ऐसा ही एक मामला चांदपुर तहसील के क्षेत्र के ग्राम आराजी भैंसा से आया है, पूजा का पति मारपीट के आरोप में जेल में बंद है, 17 सितंबर को पूजा के पति कोमल की जमानत मंजूर हो गई परंतु जमानतियों की तस्दीक के लिए कागज तहसील में भेजे गए, पीड़िता पूजा का आरोप है कि रोजाना तहसील के चक्कर लगा रही है, परंतु हल्का लेखपाल रुपए नहीं मिलने के कारण कागजों पर अपनी रिपोर्ट लगाकर न्यायालय को वापस नहीं कर रहा है, पूजा ने बताया कि 17 सितंबर से 8 अक्टूबर तक मैंने दर्जनों चक्कर तहसील के लगा दिए हैं, सुबह से शाम तक पूजा तहसील में पड़ी रहती है, उसका कहना है कि मुझ गरीब एवं महिला के ऊपर लेखपाल को तरस नहीं आ रहा है, पूजा ने बताया कि मैं बहुत ही गरीब परिवार से हूं, वहीं इस मामले में तहसीलदार आलोक कटिहार का कहना है कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है, मैं इस मामले की तत्काल जांच करवाता हूं।
चांदपुर से अजय कुमार कौषिक की रिपोर्ट।