चकरोड़ की भूमि को कब्ज़ा मुक्त कराने की मांग

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प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद जहां सरकारी जमीनो पर अवैध कब्जे़ हटाने की आस बढ़ी थी वहीं सरकारी अमले और अधिकारियों की उदासीनता के चलते न तो पीड़ितो ही न्याय मिल पा रहा है और न ही सरकारी जमीनो को ही अवैध कब्ज़ा मुक्त कराया जा रहा है ऐसा ही एक मामला धामपुर तहसील के ग्राम सादउल्लाखानपुर उर्फ मधी गांव निवासी वृद्ध रामकुमार सिंह के साथ देखने को मिला है पीड़ित के अनुसार गांव के ही कुछ दंबगो से चकरोड़ के रास्ते पर अवैध तरीके से पक्के मकानो का निर्माण कराकर कब्ज़ा कर लिया और उनके खेत तक जाने वाले रास्ते पर अतिक्रमण कर लिया, अतिक्रमण के बाद पीड़ित के खेत को जाने वाले कई फिट का रास्ते महज डेढ़ फिट का रह गया, मामले को लेकर पीड़ित किसान और उनकी बेटिया पिछली सरकार से लेकर नई सरकार बनने तक सरकारी अधिकारियों के दफ्तरो के चक्कर काट रहे है लेकिन कही कोई सुनवाई नही हुई, पीड़ित की माने तो योगी सरकार आने के बाद उन्हे जमीन के कब्जा मुक्त होने की आस जगी थी लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के चलते इस सरकार में भी अधिकारी चकरोड़ पर कब्जा करने वाले दंबंगो के खिलाफ न तो कार्यवाही ही कर पाये और न ही चकरोड़ को कब्जा मुक्त करा पाये, न्याय की आस में अब ये वृद्ध सेवानिवृत्त षिक्षक और उनकी बेटियां सरकारी दफ़्तरो के चक्कर काटने को मजबूर है आरोप है कि जिलाधिकारी के आदेष के बाद भी धामपुर तहसीलदार ने कोई कार्यवाही नही की और रास्ते को कब्जा मुक्त नही कराया, चकरोड़ पर कब्जे के चलते किसान रामकुमार सिंह अपने ही खेत तक पहंुचने में असमर्थ है कार्यवाही न होने पर कब्जा करने वाले दबंगो के हौंसले और बुलंद हो रहे है, न्याय की आस में पीड़ितो ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर षिकायत कर अब सीधे मुख्यमंत्री का दरवाजा खटखटाया है अब देखना ये है कि पीड़ितो को कब और कितना न्याय मिल पाता है