
चांदपुर के ब्लॉक जलीलपुर स्थित ग्राम नारनौर के एक विद्यालय में इंडिया मार्का नल के पानी का जल सखी द्वारा परीक्षण कराया गया। नल का पानी पीने योग्य नहीं पाया गया। फसलों की बढ़वार के लिए खेतों में जहरीली दवाई का प्रयोग भूगर्भ में पहुंच रहा है। जिसका असर पानी पर पड़ रहा है। जमीन से निकलने वाले पानी की शुद्धता अब पीने योग्य नहीं रही है। 10 नलों के परीक्षण में केवल एक नल का पानी पीने योग्य निकल रहा है। दूषित पानी को पीने से मानव के शरीर सहित मुख्य अंग लीवर फेफड़े एवं गुर्दों पर पड़ रहा है। गंगा किनारे बसे गांवों की बात की जाए तो इन गांवों में भूजल स्तर तो काफी ऊपर है परंतु इन गांवों में हैंडपंप से निकलने वाला पानी भी पीने योग्य नहीं है। जो जांच में फेल हो चुका है