दिवसों का आयोजन पूर्ण मानकों के किया अनुरूप

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जिलाधिकारी उमेश मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक डा0 धर्मवीर सिंह द्वारा थाना कोतवाली किरतपुर में आयोजित थाना समाधान दिवस का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए गए कि थाना दिवसों का आयोजन पूर्ण मानकों के अनुरूप किया जाए तथा शिकायतकर्ता को सम्मानपूर्वक बैठाने के बाद उसकी शिकायत को सुनें और यथा संभव उसका मौके पर उपस्थित अधिकारियों एंव कर्मचारियों के माध्यम से निस्तारण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यदि किसी कारणवश समस्या का समाधान किया जाना सम्भव नहीं हो सकता। तो शिकायतकर्ता को कारण सहित उसकी सूचना उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि थाना समाधान दिवसों का आयोजन विशेष रूप से पारिवारिक एवं सम्पत्ति आदि से संबंधित विवादों के निस्तारण के लिए किया जाता है ताकि छोटे-छोटे विवाद थाना स्तर पर ही निस्तारित कर दिए जाएं और वे भविष्य में कानून एवं शांति व्यवस्था के लिए कोई समस्या न बनें। उन्होंने निर्देश दिए कि वादों का निस्तारण जितना गुणवत्तापरक रूप से किया जाएगा, उतनी ही राहत आमजन को प्राप्त होगी।
उन्होंने थानाध्यक्ष और राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि सार्वजनिक भूमि पर किसी भी अवस्था में अवैध कब्जा नहीं पाया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि किसी क्षेत्र में सार्वजनिक भूमि पर कब्जा पाया जाता है तो कब्जाधारी के साथ-साथ संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के विरूद्व भी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डा0 धर्मवीर सिंह ने पुलिए एवं राजस्व कार्मिकों को विश्वस्त करते हुए कहा कि अवैध कब्जाधारियों अथवा भूमाफियों द्वारा उनको धमकी दी जाती है या उनके साथ अभद्रता की जाती है तो तत्काल उसकी सूचना उपलब्ध कराएं ताकि संबंधित के विरूद्व कड़ी दण्डात्मक कार्यवाही अमल में लाई जा सके। निरीक्षण के समय तक कुल 07 शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें दो का मौके पर ही निस्तारण कर दिया जाना प्रकाश में आया। थाना समाधान शिकायत पाई गई।
वही जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्र द्वारा उच्च प्राथमिक विद्यालय के दौरान कायाकल्प कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूल में मानक के अनुरूप कार्य पूर्ण न पाए जाने पर संबंधित ग्राम प्रधान का स्पष्टीकरण तलब करने तथा एक हफते के अंदर सभी छात्र/छात्राओं के खातों में धनराशि भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में बेसिक शिक्षा को सुदृढ़ एवं गुणवत्तापरक बनाने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्व है और इसके सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की समयपूर्वक उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा स्कूलों में शिक्षा के प्रति बच्चों में उत्साह और जोश का माहौल पैदा करने करने का भी प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बेसिक शिक्षा को गुणवत्तापरक बनाने और उसका स्तर कॉन्वेन्ट विद्यालयों के समकक्ष बनाने में आने वाली सभी बाधाआं को दूर किया जाएगा और स्कूलों में अच्छा वातावरण सृजित करने वाले अध्यापकों को पुरूस्कृत भी किया जाएगा। उन्होंने सचेत करते हुए यह भी कहा कि यदि अध्यापक द्वारा अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही अथवा शिथिलता बरती जाएगी तो उसके विरूद्व अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।