
जानकारी के अनुसार सब्जी मंडी स्थित जमा मस्जिद से 10 कदम पर हाजी मोहम्मद रफी की वर्षाे से देशी एवम आयुर्वेदिक दवाओं की दुकान है। जहां वह हिकमत का कार्य भी करते थे। बताया जा रहा है कि वह जामा मस्जिद में। नवाज पढ़ने के लिये गये थे जहां पानी की बड़ी हौज के पास वजू बनाते समय उन्हें चक्कर आया और वह पानी के हौज की ओर गिरने लगे तभी आसपास वजू कर रहे नमाजियों ने उन्हें पकड़ लिया। तथा परिजनों को सूचना देते हुए उन्हें तुरंत निजी चिकित्सक के यहां दिखाया जहा चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया वह करीब 70 वर्ष के थे। उनकी मौत की खबर से नगर में शोक की लहर दौड़ गई। मोत की खबर से उनके घर देखने वालो का तांता लग गया। लोगो का अनुमान हे की उनकी मौत अचानक ह्रदय गति रुक जाने से हुई है। वही अचानक हुई मौत से लोगो ने जहां दुःख जताया। वही खुदा के घर यानी मस्जिद मे मोत होना जन्नत मिलना माना, लोगो का कहना है हाजी मुहम्मद रफी बहुत ही मिलनसार, बहुत कम बोलने वाले तथा हिकमत के माहिर थे। उधर परिजनो मे मौत की खवर से कोहराम मच गया।