
दरअसल 18 मार्च को होली के जुलूस के दौरान होली समिति के संरक्षक रजत रस्तोगी और भाजपा नेता शैलेंद्र कुमार के बीच किसी बात को लेकर वाद विवाद हो गया था।
शैलेंद्र कुमार ने रजत रस्तोगी उसके भाई शोभित रस्तोगी के विरुद्ध थाने में तहरीर देकर एससी एसटी एक्ट में मामला दर्ज करा दिया। रजत रस्तोगी के विरुद्ध मामला दर्ज होते ही होली समिति तथा व्यापार मंडल के कार्यकर्ताओं में आक्रोश पैदा हो गया। शैलेंद्र कुमार के विरोध और रजत रस्तोगी के समर्थन में सैकड़ों लोगों ने थाने में पहुंच कर अपना विरोध जताया।
होली समिति के अध्यक्ष और रजत रस्तोगी के भाई पंकुल रस्तोगी ने भी थाने में तहरीर देते हुए आरोप लगाया कि जुलूस के दौरान शैलेंद्र कुमार नगर की शांति व्यवस्था को भंग करना चाहता था और गुब्बारों में रंग भर कर धार्मिक स्थल पर फेंकने की कोशिश कर रहा था और रोकने पर जुलूस कमेटी सदस्यों से ही मारपीट करने को उतारू हो गया। पंकुल रस्तोगी ने आरोपी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
उधर शैलेंद्र कुमार का कहना है कि ये सारे आरोप बेबुनियाद हैं और दलित समाज को दबाने के लिए आरोप लगाए गए हैं।